कभी दिल ने भी कुछ कहा होगा,
तुम्हारी धड़कनों ने भी सुना होगा,
कभी किसी की सौम्य सादगी ने,
तुम्हारे मन को मोहित किया होगा,
कभी किसी मृदुल अंतर्मन से,
तुम्हारा कोमल मन बंधा होगा !!

कभी दिल ने भी कुछ कहा होगा,
तुम्हारी धड़कनों ने भी सुना होगा,
कभी किसी की मोहक मुस्कान ने,
तुम्हारे अंत:करण को छुआ होगा,
कभी किसी ह्रदय की पावनता ने,
तुम्हारी रूह का स्पर्श किया होगा !!

कभी दिल ने भी कुछ कहा होगा,
तुम्हारी धड़कनों ने भी सुना होगा,
कभी किसी की मौन अधरों ने,
तुम से बहुत कुछ कहा होगा,
उसके अनकहे ज़ज़्बातों को,
दिल ने चुपके से सुना होगा !!

कभी दिल ने भी कुछ कहा होगा,
तुम्हारी धड़कनों ने भी सुना होगा,
कभी किसी के निश्छल आंसुओं ने,
तुम्हारी आंखों को नम किया होगा,
एक बार ही सही लेकिन तुमने भी
बेश़क ! प्यार तो किया होगा .!!

©अनीता सिंह 'अपराजिता'